Monday, March 25, 2013

जो फ़ैसला समाज को करना चाहिए वो आज भी सुप्रीम कोर्ट को करना पड़ रहा है

दैनिक भास्कर की इस ख़बर ने जहाँ दिल को एक ख़ुशी दी वहीं एक सवाल भी खड़ा कर दिया... जो फ़ैसला समाज को करना चाहिए वो आज भी सुप्रीम कोर्ट को करना पड़ रहा है .... राजा राम मोहन राय व्यवस्था प्रणाली पर तो ख़ुश लेकिन समाज के वैचारिक पतन पर आज भी रो रहे होंगे...

Media Mirchi

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