Sunday, March 20, 2016

'होली का हुल्लास' काव्य संध्या में चढ़ा कविताओं का रंग

जयपुर, 19 मार्च। होली के उल्लास को कविताओं की शक्ल में ढालते हुए जयपुर के पीआर और मी​डिया प्रोफेशनल्स ने अपने शब्द विन्यास से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब 'मैं गुलाल हूं, बस रंगभर हूं होली का, शाख से जुदा होकर रंग में ढला हूं...' जैसी दमदार पंक्तियां पढ़ी गईं, तो राजस्थान चैम्बर भवन के ......



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